mire vaaste jahaan men koi dilkashi nahin hai | मिरे वास्ते जहाँ में कोई दिलकशी नहीं है

  - Akhtar Muslimi
मिरेवास्तेजहाँमेंकोईदिलकशीनहींहै
कितिरेबग़ैरजीनाकोईज़िंदगीनहींहै
तिरीज़ातकेअलावामुझेऔरचाहिएक्या
तूअगरहैसाथमेरेमुझेकुछकमीनहींहै
वोनज़रनज़रनहींहैहोजिसमेंअक्सतेरा
कोईदिलहैवोभीजिसमेंग़म-ए-आशिक़ीनहींहै
कोईवास्तानहींहैजिसेदर्द-ए-दीगराँसे
वोहैआदमीकापैकरमगरआदमीनहींहै
मिरेदोस्तोदेखोमुझेचश्म-ए-ख़शमगींसे
किरहीन-ए-बादा-नोशीमिरीबे-ख़ुदीनहींहै
मिरेदिलकेदाग़तूहीज़राऔरलौबढ़ादे
शब-ए-ग़महैतीरातीराकहींरौशनीनहींहै
मिरीबातसुनके'अख़्तर'सुनीअन-सुनीकरदो
येहदीस-ए-जान-ओ-दिलहेनिरीशाइ'रीनहींहै
  - Akhtar Muslimi
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