maail-e-lutf hai aamaada-e-be-daad bhi hai | माइल-ए-लुत्फ़ है आमादा-ए-बे-दाद भी है

  - Akhtar Muslimi
माइल-ए-लुत्फ़हैआमादा-ए-बे-दादभीहै
वोसरापा-ए-मोहब्बतसितम-ईजादभीहै
शब-ए-तन्हाईभीहैसाथतिरीयादभीहै
दिलकाक्याहालकहूँशादभीनाशादभीहै
दौलत-ए-ग़मसेहरइकगोशाहैइसकामामूर
दिलकीदुनियामिरीआबादभीबर्बादभीहै
बे-सबबतोनहींएहसासख़लिशकामुझको
भूलनेवालेतिरेदिलमेंमिरीयादभीहै
क्यूँँआसाँहोरह-ए-इश्क़किमेरेहम-राह
जज़्बा-ए-'क़ैस'भीहैहिम्मत-ए-'फ़रहाद'भीहै
जलगयाअपनानशेमनमगरअफ़सोसयेहै
फूँकनेवालोंमेंइकबर्क़-ए-चमन-ज़ादभीहै
मेराविज्दानमुहर्रिकहैमिरेनग़्मोंका
तब्-ए-मौज़ूँमिरीपाबंदभीआज़ादभीहै
क्याबताऊँमैंतुम्हेंक्याहैनवा-ए-'अख़्तर'
नग़्मेंकानग़्माहैफ़रियादकीफ़रियादभीहै
  - Akhtar Muslimi
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