सिखासकीनजोआदाब-ए-मयवोख़ूक्याथी
जोयेनथातोफिरइसदर्जाहाव-हूक्याथी
जोबार-ए-दोशरहासरवोकबथाशोरीदा
बहानजिससेलहूवोरग-ए-गुलूक्याथी
फिरएकज़ख़्म-ए-कुशादाजोदिलकोयादआजाए
वोलज़्ज़त-ओ-ख़लिश-ए-सोज़न-ओ-रफ़ूक्याथी
जोइज़्न-ए-आमनथावालियान-ए-मय-ख़ाना
येसबनुमाइश-ए-पैमाना-ओ-सुबूक्याथी
अगरनिगाह-ए-जहाँकेशुमारमेंनथेहम
तोफिरहमारीयेशोहरतभीचार-सूक्याथी
नख़ून-ए-शबथानशब-ख़ूँयेमानलेंलेकिन
शफ़क़तुलू-ए-सहरकोलहूलहूक्याथी
जबआरहीहैंबहारेंलिएपयाम-ए-जुनूँ
येपैरहनकोमिरेहाजत-ए-रफ़ूक्याथी
तुम्हेंशिकायत-ए-अहल-ए-वतनहैक्यूँँसाहब
ख़ुदअपनेशहरमें'ग़ालिब'कीआबरूक्याथी