mire KHvaabon men khayaalon men mire paas raho | मिरे ख़्वाबों में ख़यालों में मिरे पास रहो

  - Akbar Ali Khan Arshi Zadah
मिरेख़्वाबोंमेंख़यालोंमेंमिरेपासरहो
तुममिरेसारेसवालोंमेंमिरेपासरहो
मेरेक़ातिलमिरेदिलदारमसीहामेरे
ज़ख़्म-ओ-मरहमकेहवालोंमेंमिरेपासरहो
शम-ए-रुख़सारलिएगेसू-ए-ख़मदारलिए
सबअँधेरोंमेंउजालोंमेंमिरेपासरहो
कभीख़ुशबूकभीसायाकभीपैकरबनकर
सभीहिज्रोंमेंविसालोंमेंमिरेपासरहो
होतुम्हींजूहीतुम्हींरोलीतुम्हेंपार्वती
हुस्न-ए-ख़ूबाँकीमिसालोंमेंमिरेपासरहो
अपनीपलकोंपेसजाएहुएनमनाकचराग़
दम-ए-आख़िरकेसंभालोंमेंमिरेपासरहो
  - Akbar Ali Khan Arshi Zadah
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