कभीज़ख़्मज़ख़्मनिखरकेदेखकभीदाग़दाग़सँवरकेदेख
कभीतूभीटूटमिरीतरहकभीरेज़ारेज़ाबिखरकेदेख
सर-ए-ख़ारसेसर-ए-संगसेजोहैमेराजिस्मलहूलहू
कभीतूभीतोमिरेसंग-ए-मीलकभीरंगमेरेसफ़रकेदेख
इसीखेलसेकभीपाएगातूगुदाज़-ए-क़ल्बकीने'मतें
कभीरूठजाकभीमनकेदेखकभीजीतजाकभीहरकेदेख
येपड़ीहैंसदियोंसेकिसलिएतिरेमेरेबीचजुदाइयाँ
कभीअपनेघरतूमुझेबुलाकभीरास्तेमिरेघरकेदेख
तुझेआईनेमेंनमिलसकेगातिरीअदाओंकाबाँकपन
अगरअपनाहुस्नहैदेखनातोमिरीग़ज़लमेंउतरकेदेख
वहीमेरादर्दरवाँ-दवाँवहीतेराहुस्नजवाँजवाँ
कभी'मीर'-ओ-'दर्द'केबैतपढ़कभीशे'र'दाग़'-ओ-'जिगर'केदेख