ग़मबढे़आतेहैंक़ातिलकीनिगाहोंकीतरह
तुमछिपालोमुझेऐदोस्त,गुनाहोंकीतरह
अपनीनज़रोंमेंगुनाहगारनहोते,क्यूँकर
दिलहीदुश्मनहैंमुख़ालिफ़केगवाहोंकीतरह
हरतरफ़ज़ीस्तकीराहोंमेंकड़ीधूपहैदोस्त
बसतेरीयादकेसाएहैंपनाहोंकीतरह
जिनकेख़ातिरकभीइल्ज़ामउठाये,"फ़ाकिर"
वोभीपेशआएहैंइंसाफ़केशाहोंकीतरह