us ke lehje ka vo utaar chadhaao | उस के लहजे का वो उतार चढ़ाओ

  - Ahmad Javaid
उसकेलहजेकावोउतारचढ़ाओ
रातकीनर्मरौनदीकाबहाओ
उसकीआँखोंकेवस्फ़क्यालिक्खूँ
जैसेख़्वाबोंकाबे-कराँठहराओ
उननिगाहोंकीगुफ़्तुगूमेंहै
नींदमेंगुमहवाओंकाउलझाओ
उसबदनकीनज़ाकतेंमतपूछ
शीशा-ए-गुलमेंचाँदकालहराओ
नींदकीवादियोंमेंपिछलेपहर
एकलैएकनग़्माएकअलाव
ऐसीतंहाईकामुदावाक्या
सातदरियाओंमेंअकेलीनाव
उनलबोंकीवोबोसाबोसाउठान
औरपलकोंकानश्शानश्शाझुकाओ
उसगलीउसदयारकीख़ुश-बू
सुबुक-सैरनर्म-गामहवाओ
नौजवानीमेंमौतकीख़्वाहिश
तुमहीसमझासकोतोकुछसमझाओ
जानेवोग़ुंचाकिसचमनकाहै
जिसमेंगुमहैबहारकाफैलाओ
रातकहतीहैमुझकोप्यारसेदेख
मुझमेंहैचश्म-ए-यारकागहराओ
शोला-ए-जाँहैबुझनेको'जावेद'
औरदिलमेंदहकरहाहैअलाव
  - Ahmad Javaid
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