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Shoonya Shrey
sab dukhon ka ye samandar paar hogaa jab sabhi
sab dukhon ka ye samandar paar hogaa jab sabhi | सब दुखों का ये समुंदर पार होगा जब, सभी
- Shoonya Shrey
सब
दुखों
का
ये
समुंदर
पार
होगा
जब,
सभी
आफ़तों
के
पत्थरों
पर
नाम
होगा
राम
का
- Shoonya Shrey
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रो
रहा
था
गोद
में
अम्माँ
की
इक
तिफ़्ल-ए-हसीं
इस
तरह
पलकों
पे
आँसू
हो
रहे
थे
बे-क़रार
जैसे
दीवाली
की
शब
हल्की
हवा
के
सामने
गाँव
की
नीची
मुंडेरों
पर
चराग़ों
की
क़तार
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Ehsan Danish
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इसे
तो
वक़्त
की
आब-ओ-हवा
ही
ठीक
कर
देगी
मियाँ
नासूर
होते
ज़ख़्म
सहलाया
नहीं
करते
shaan manral
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मैं
बाग़
में
जिस
जगह
खड़ा
हूँ
हर
फूल
से
काम
चल
रहा
है
Shaheen Abbas
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क़ैस
जंगल
में
अकेला
है
मुझे
जाने
दो
ख़ूब
गुज़रेगी
जो
मिल
बैठेंगे
दीवाने
दो
Miyan Dad Khan Sayyah
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अगरचे
इश्क़
में
मजनू
बड़े
बदनाम
होते
हैं
अगरचे
क़ैस
जैसे
आशिक़ों
के
नाम
होते
हैं
भटक
सकती
नहीं
जंगल
में
लैला
चाह
करके
भी
अजी
लैला
को
घर
में
दूसरे
भी
काम
होते
हैं
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Gagan Bajad 'Aafat'
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मैं
अपनी
हिजरत
का
हाल
लगभग
बता
चुका
था
सभी
को
और
बस
तिरे
मोहल्ले
के
सारे
लड़के
हवा
बनाने
में
लग
गए
थे
Vikram Gaur Vairagi
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जहाँ
सारे
हवा
बनने
की
कोशिश
कर
रहे
थे
वहाँ
भी
हम
दिया
बनने
की
कोशिश
कर
रहे
थे
Abbas Qamar
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मैंने
चाहा
भी
कि
फिर
इस
संग-दिल
पे
फूल
उगे
पर
तुम्हारी
रुख़्सती
के
बाद
ये
होता
नहीं
Siddharth Saaz
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ऊपर
उठती
हुई
एक
गर्म
हवा
है
मिरा
दर्द
मेरा
लहजा
कभी
फ़रियाद
नहीं
हो
सकता
Farhat Ehsaas
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लम्स
उसका
इस
क़दर
महसूस
होता
है
मुझे
हो
कोई
नाराज़
तितली
फूल
पर
बैठी
हुई
फ़िल्म
में
शायद
बिछड़ने
का
कोई
अब
सीन
है
और
मेरे
हाथ
को
वो
थाम
कर
बैठी
हुई
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Sunny Seher
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अगर
हम
साथ
में
होते
तो
ये
होता
औ
वो
होता
ये
सबकुछ
भी
तभी
होता
अगर
हम
साथ
में
होते
Shoonya Shrey
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मुझको
तुम
सेे
इश्क़
नहीं
नफ़रत
भी
नइँ
तुमने
दुनिया
खो
दी
है
मुझ
को
ही
नइँ
खुले
में
मिलने
से
बचता
रहता
हूँ
मैं
बात
आब-रू
की
है
जाँ
उल्फ़त
की
नइँ
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Shoonya Shrey
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मुसीबत
का
थमा
है
हाथ
ऐसे
तो
पले
हैं
हम
ज़माना
लग
गया
है
तब
कहीं
जाकर
ढले
हैं
हम
कभी
तो
रात
भी
होगी
कभी
तारा
तो
चमकेगा
इसी
की
आस
में
'शून्या'
जिए
जाते
चले
हैं
हम
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Shoonya Shrey
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ज़रा
सा
कश्मकश
में
हूँ
ज़मीं
पर
देखकर
तुझको
फ़लक
पर
यार
तुझको
तो
चमकना
चाहिए
था
ना
Shoonya Shrey
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टैडी
वैडी
बच्चे
देते
फिरते
हैं
ऐसा
करते
हैं
तुम
मुझको
ही
रख
लो
Shoonya Shrey
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