ga.e the vahaañ jee men kya thaan kar ke | गए थे वहाँ जी में क्या ठान कर के

  - Ahmad Javaid
गएथेवहाँजीमेंक्याठानकरके
चलेआएईरानतूरानकरके
अगरदिलकाबिल-फ़र्ज़गुलनामपड़जाए
तोफिरहैयेसीनागुलिस्तानकरके
दियाहमनेदिलउनपरी-चेहरगाँको
ज़रू-ए-क़यासआदमीजानकरके
येदुनियाहमेंख़ुशआएगीफिरभी
रहेंख़्वाहख़ुदकोसुलैमानकरके
तिरेग़ममेंजिससेमिज़ातरकरूँँहूँ
वोइकक़तराहैक़ुलज़ुमिस्तानकरके
दिखाहीदियाआख़िरशअहल-ए-दिलने
इसीदानेसेखेतखलियानकरके
येक्याचीज़तामीरकरनेचलेहो
बिना-ए-मोहब्बतकोवीरानकरके
मियाँहमतो'जावेद'कोलेगएथे
दियाहीनहींउसनेपहचानकरके
  - Ahmad Javaid
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