काँपतेरोतेकटीहैऔरतोकुछभीनहीं
रातथीसुब्हअबहुईहैऔरतोकुछभीनहीं
रूहसेथाइश्क़तोफिरक्याशिकायतवोअगर
ग़ैरबिस्तरपरमिलीहैऔरतोकुछभीनहीं
वैसेकोईग़मनहींहैबिनतेरेओजान-ए-जाँ
ज़िंदगीग़मलगरहीहैऔरतोकुछभीनहीं
क्यूँँबहाऊँअश्कमैंअबकौनसावोमरगई
ग़ैरकीबसहोगईहैऔरतोकुछभीनहीं
क्यूँँकरूँँग़मक्याहुआऐसाकिजोहोनानथा
जानेवालीजाचुकीहैऔरतोकुछभीनहीं