nihaal-e-wasl nahin sang-baar karne ko | निहाल-ए-वस्ल नहीं संग-बार करने को

  - Ahmad Javaid
निहाल-ए-वस्लनहींसंग-बारकरनेको
बसएकफूलहैकाफ़ीबहारकरनेको
कभीतोअपनेफ़क़ीरोंकीदिल-कुशाईकर
कईख़ज़ानेहैंतुझपरनिसारकरनेको
येएकलम्हेकीदूरीबहुतहैमेरेलिए
तमामउम्रतिराइंतिज़ारकरनेको
कशिशकरेहैवोमहताबदिलकोज़ोरोंकी
चलायेक़तराभीक़ुल्ज़ुमनिसारकरनेको
तोफिरयेदिलहीलेआऊँख़ूबचमकाकर
तिरेजमालकाआईना-दारकरनेको
क़बा-ए-मर्गहोयारख़्त-ए-ज़िंदगीदोस्त
मिलेहैंदोनोंमुझेतारतारकरनेको
बहुतसाकामदियाहैमुझेउनआँखोंने
हवाला-ए-दिल-ए-ना-कर्दा-कारकरनेको
  - Ahmad Javaid
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