duniya se tan ko dhanp qayamat se jaan ko | दुनिया से तन को ढाँप क़यामत से जान को

  - Ahmad Javaid
दुनियासेतनकोढाँपक़यामतसेजानको
दोचादरेंबहुतहैंतिरीआन-बानको
इकमैंहीरहगयाहूँकिएसरकोबार-ए-दोश
क्यापूछतेहोभाईमिरेख़ानदानको
जिसदिनसेअपनेचाक-ए-गरेबाँकाशोरहै
तालेलगागएहैंरफ़ूगरदुकानको
फ़िलहालदिलपेदिलतोलिएजारहेहोतुम
औरजोहिसाबभूलगयाकल-कलानको
दिलमेंसेचुनकेहमभीकोईग़ुंचानसीम
भेजेंगेतेरेहाथकभीगुलसितानको
मशग़ूलहैंसफ़ाई-ओ-तौसी-ए-दिलमेंहम
तंगीइसमकानमेंहोमेहमानको
  - Ahmad Javaid
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