tha jaanib-e-dil subh-dam vo khush-khiraam aaya hua | था जानिब-ए-दिल सुब्ह-दम वो ख़ुश-ख़िराम आया हुआ

  - Ahmad Javaid
थाजानिब-ए-दिलसुब्ह-दमवोख़ुश-ख़िरामआयाहुआ
आधाक़दमसू-ए-गुरेज़औरनीम-गामआयाहुआ
रक़्सऔरपा-कूबीकरूँँलाज़िमहैमजज़ूबीकरूँँ
देखोतोहैमेरासनममेराइमामआयाहुआ
दरिया-ए-दरवेशीकेबीचतूफ़ान-ए-बे-ख़्वेशीकेबीच
वोगौहर-ए-सैराबवोसाहब-मक़ामआयाहुआ
दिलबताचश्मकहयेरू-ए-दिल-बरहीतोहै
यामाह-ए-चर्ख़-हफ़्तमेंबाला-ए-बामआयाहुआ
हैज़र्राज़र्रापरसदाअहलव-व-सहलनमर्हबा
क्यासर-ज़मीन-ए-दिलपेहैवोआजशामआयाहुआ
तुझपरपड़ीयेकीछूटचश्म-ए-हैराँकुछतोफूट
क्याहद्द-ए-बीनाईमेंहैवोग़ैब-ए-फ़ामआयाहुआ
लर्ज़ांहैदिलमेंराज़साशो'लाक़दीम-आवामसा
यालाला-ए-ख़ामोशपररंग-ए-दवामआयाहुआ
हैमौसम-ए-दीवानगीफिरचाकईजादमिरी
लौटारहेहैंपहलेकाख़य्यातकामआयाहुआ
मेरीतरफ़सेअज़ीज़दिलमेंरखनाकोईचीज़
फिरतेभीदेखाहैकहींसाहबग़ुलामआयाहुआ
ख़ुर्शीद-सामानीतिरीऔरज़र्रा-दामानीमिरी
हैअजूबादेखनेहरख़ास-ओ-आमआयाहुआ
इकगिरदाड़ीसहरासमेतइकमौजउठीदरियासमेत
दुनिया-ए-ख़ाक-ओ-आबमेंथाकोईशामआयाहुआ
यकउम्र-रफ़्तारीकेसाथयकमाह-सय्यारीकेसाथ
यकचर्ख़-ए-दवारिकेसाथगर्दिशमेंजामआयाहुआ
सद-चश्मबेदारीकेसाथसद-सीनासरशारीकेसाथ
सौसौतरहशहबाज़दिलहैज़ेर-ए-दामआयाहुआ
  - Ahmad Javaid
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