saba dekh ik din idhar aan kar ke | सबा देख इक दिन इधर आन कर के

  - Ahmad Javaid
सबादेखइकदिनइधरआनकरके
येदिलभीपड़ाहैगुलिस्तानकरके
यहीदिलजोइकबूँदहैबहर-ए-ग़मकी
डुबोदेगासबशहरतूफ़ानकरके
मियाँदिलकोइसआइना-रूकेआगे
जोरखनातोयक-लख़्तहैरानकरके
ख़ुदाजानेक्याअसलियतग़ैरकीहै
दिखेहैबनी-नौ-ए-इंसानकरके
उसेअबरक़ीबोंमेंपातेहैंअक्सर
रखाजिसकोख़ुदसेभीअंजानकरके
दिखादेंगेअच्छाइसीफ़स्ल-ए-गुलमें
गरेबानकोहमगरेबानकरके
हमारेतोइकघरभीहैभाईमजनूँ
पड़ेहैंउसीकोबयाबानकरके
  - Ahmad Javaid
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy