koi jal men KHush hai koi jaal men | कोई जल में ख़ुश है कोई जाल में

  - Ahmad Javaid
कोईजलमेंख़ुशहैकोईजालमें
मस्तहैंसबअपनेअपनेहालमें
जादा-ए-शमशीरहोयाफ़र्श-ए-गुल
फ़र्क़कबआयाहमारीचालमें
एकआँसूसेकमीजाएगी
ग़ालिबनदरियाओंकेइक़बालमें
शोला-ए-सद-रंगकीसीकैफ़ियत
तुझमेंहैयातेरेख़द्द-ओ-ख़ालमें
एकलम्हामेरायार-ए-ग़ारहै
इसमुसीबत-गाह-ए-माह-ओ-सालमें
येजोमेरेजीकोचैनआतानहीं
हिन्दमेंईरानमेंबंगालमें
रोज़कारोनालगाहैअपनेसाथ
हमनेआँखेंबाँधलींरुमालमें
दीदादिलनेकियाहैकामबंद
ठपहैकारोबारइसहड़तालमें
इसनिगाह-ए-नाज़कीएकएकबात
हैहमारेपीरकेअक़वालमें
दिलपेसायाहैकिसीसुलतानका
वर्नाक्यारक्खाहैइसकंगालमें
  - Ahmad Javaid
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