aañsu ki tarah deeda-e-pur-aab men rahna | आँसू की तरह दीदा-ए-पुर-आब में रहना

  - Ahmad Javaid
आँसूकीतरहदीदा-ए-पुर-आबमेंरहना
हरगाममुझेख़ाना-ए-सैलाबमेंरहना
वोअबरू-ए-ख़मदारनज़रआएतोसमझे
आँखोंकीतरहसाया-ए-मेहराबमेंरहना
ग़फ़लतहीमेंकटतेहैंशब-ओ-रोज़हमारे
हरआनकिसीध्यानकिसीख़्वाबमेंरहना
दिनभरकिसीदीवारकेसाएमेंतग-ओ-ताज़
शबजुस्तुजू-ए-चादर-ए-महताबमेंरहना
वीराना-ए-दुनियामेंगुज़रतेहैंमिरेदिन
रातोंकोरवाक़-ए-दिल-ए-बेताबमेंरहना
मिट्टीतोहरइकहालमेंमिट्टीहीरहेगी
क्याटाटमेंक्याक़ाक़ुमसंजाबमेंरहना
घरऔरबयाबाँमेंकोईफ़र्क़नहींहै
लाज़िमहैमगरइश्क़केआदाबमेंरहना
इकपलकोभीआँखेंलगींख़ाना-ए-दिलमें
हरलम्हानिगहबानी-ए-असबाबमेंरहना
  - Ahmad Javaid
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