hawa ke dosh pe ye jo sawaar paani hai | हवा के दोश पे ये जो सवार पानी है

  - Ahmad Irfan
हवाकेदोशपेयेजोसवारपानीहै
मिरायक़ीनकरोबे-शुमारपानीहै
किप्यासबुझनहींपाईहैइससेप्यासोंकी
इसीलिएतोबहुतशर्मसारपानीहै
बुझेकुछऐसेनदीमेंचराग़बहतेहुए
हवाएँहँसनेलगींसोगवारपानीहै
तूएकझीलहैसैफ़-उल-मुलूककेजैसी
मेंऐसाथरकिजहाँआर-पारपानीहै
मैंदेखहाथमेंमश्कीज़ालेकेआयाहूँ
किएकप्यासेकोयेरेगज़ारपानीहै
  - Ahmad Irfan
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy