hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Vikas Rana
koi titli pakad len agar
koi titli pakad len agar | कोई तितली पकड़ लें अगर
- Vikas Rana
कोई
तितली
पकड़
लें
अगर
फूल
पर
रख
दिया
कीजिए
- Vikas Rana
Download Sher Image
इलाज
ये
है
कि
मजबूर
कर
दिया
जाऊँ
वगरना
यूँँ
तो
किसी
की
नहीं
सुनी
मैंने
Jaun Elia
Send
Download Image
68 Likes
कोई
दवा
न
दे
सके
मशवरा-ए-दुआ
दिया
चारागरों
ने
और
भी
दर्द
दिल
का
बढ़ा
दिया
Hafeez Jalandhari
Send
Download Image
38 Likes
ज़िन्दगी
छीन
ले
बख़्शी
हुई
दौलत
अपनी
तूने
ख़्वाबों
के
सिवा
मुझ
को
दिया
भी
क्या
है
Akhtar Saeed Khan
Send
Download Image
44 Likes
जबसे
आप
गए
हो
मेरे
जीवन
से
गाने
सुनता
हूँ,
पर
गाना
छोड़
दिया
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
24 Likes
जब
से
वो
समुंदर
पार
गया
गोरी
ने
सँवरना
छोड़
दिया
Bekal Utsahi
Send
Download Image
31 Likes
ये
सच
है
नफ़रतों
की
आग
ने
सब
कुछ
जला
डाला
मगर
उम्मीद
की
ठण्डी
हवाएँ
रोज़
आती
हैं
Munawwar Rana
Send
Download Image
23 Likes
क्या
बोला
मुझे
ख़ुद
को
तुम्हारा
नहीं
कहना
ये
बात
कभी
मुझ
सेे
दुबारा
नहीं
कहना
ये
हुक़्म
भी
उस
जान
से
प्यारे
ने
दिया
है
कुछ
भी
हो
मुझे
जान
से
प्यारा
नहीं
कहना
Read Full
Ali Zaryoun
Send
Download Image
114 Likes
तुम
भी
वैसे
थे
मगर
तुम
को
ख़ुदा
रहने
दिया
इस
तरह
तुम
को
ज़माने
से
जुदा
रहने
दिया
Khalil Ur Rehman Qamar
Send
Download Image
67 Likes
वहाँ
शायद
कोई
बैठा
हुआ
है
अभी
खिड़की
में
इक
जलता
दिया
है
Aadil Raza Mansoori
Send
Download Image
33 Likes
ज़बाने
दाग़
में
मैंने
उसे
लिखी
चिट्ठी
मिज़ाजे
मीर
में
उसने
मुझे
जवाब
दिया
Shadan Ahsan Marehrvi
Send
Download Image
2 Likes
Read More
हमने
चाहे
थे
अच्छे
दिन
तुम
सेे
तुमने
भी
अच्छे
दिन
दिखाए
हैं
Vikas Rana
Send
Download Image
27 Likes
जाने
कितने
घटे-बढ़े
होंगे
मुद्दतें
हो
गईं
सितारे
गिने
Vikas Rana
Send
Download Image
31 Likes
कोई
लेगा
नहीं
बदला
हमारा
हमीं
को
क़त्ल
है
करना
हमारा
निछावर
जान
भी
है
उस
पे
करनी
अभी
तय
भी
नहीं
मरना
हमारा
हमारे
होंट
के
सहरा
तुम्हारे
तुम्हारी
आँख
का
दरिया
हमारा
अभी
इक
शे'र
कहना
रह
गया
है
अभी
निकला
नहीं
काँटा
हमारा
Read Full
Vikas Rana
Download Image
4 Likes
तेरे
पहलू
या
दरमियाँ
निकले
एक
जाँ
है
कहाँ
कहाँ
निकले
इस
तरह
से
कभी
समेट
मुझे
मेरे
खुलने
पर
इक
जहाँ
निकले
सोचता
हूँ
यूँँ
न
हो
इक
दिन
ये
ज़मीं
कोई
आसमाँ
निकले
आ
तिरी
साँस
साँस
पी
लूँ
मैं
जिस्म
से
रूह
का
धुआँ
निकले
Read Full
Vikas Rana
Download Image
3 Likes
मुझको
ये
मालूम
नहीं
था
तुम
सेे
मिलने
से
पहले
दोस्त
जल्दी
आँखें
भरने
वालों
के
मन
जल्दी
भर
जाते
हैं
Vikas Rana
Send
Download Image
27 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Wahshat Shayari
Hijr Shayari
Promise Shayari
Allahabad Shayari
Awaaz Shayari