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Vikas Rana
koi lega nahin badla hamaara
koi lega nahin badla hamaara | कोई लेगा नहीं बदला हमारा
- Vikas Rana
कोई
लेगा
नहीं
बदला
हमारा
हमीं
को
क़त्ल
है
करना
हमारा
निछावर
जान
भी
है
उस
पे
करनी
अभी
तय
भी
नहीं
मरना
हमारा
हमारे
होंट
के
सहरा
तुम्हारे
तुम्हारी
आँख
का
दरिया
हमारा
अभी
इक
शे'र
कहना
रह
गया
है
अभी
निकला
नहीं
काँटा
हमारा
- Vikas Rana
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कोई
समुंदर,
कोई
नदी
होती
कोई
दरिया
होता
हम
जितने
प्यासे
थे
हमारा
एक
गिलास
से
क्या
होता
ताने
देने
से
और
हम
पे
शक
करने
से
बेहतर
था
गले
लगा
के
तुमने
हिजरत
का
दुख
बाट
लिया
होता
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Tehzeeb Hafi
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जिस
मौसम
में
भीगना
है
हम
दोनों
को
उस
मौसम
में
पूछ
रही
हो
छाता
है
Zubair Alam
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यहाँ
तुम
देखना
रुतबा
हमारा
हमारी
रेत
है
दरिया
हमारा
Kushal Dauneria
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अगर
जन्नत
मिला
करती
फ़क़त
सज्दों
के
बदले
में
तो
फिर
इबलीस
मुर्शिद
सब
सेे
पहले
जन्नती
होता
Shajar Abbas
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बीच
भँवर
से
कश्ती
कैसे
बच
निकली
बहुत
दिनों
तक
दरिया
भी
हैरान
रहा
Madan Mohan Danish
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रात
के
जिस्म
में
जब
पहला
पियाला
उतरा
दूर
दरिया
में
मेरे
चाँद
का
हाला
उतरा
Kumar Vishwas
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मैं
सालों
बाद
जब
भी
गाँव
जाता
हूँ
लिए
पीपल
की
ठंडी
छाँव
जाता
हूँ
कहीं
मैली
न
हो
जाए
ये
जन्नत
मैं
माँ
के
पास
नंगे
पाँव
जाता
हूँ
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Ashok Sagar
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मैं
आख़िर
कौन
सा
मौसम
तुम्हारे
नाम
कर
देता
यहाँ
हर
एक
मौसम
को
गुज़र
जाने
की
जल्दी
थी
Rahat Indori
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तुम्हारे
पाँव
क़सम
से
बहुत
ही
प्यारे
हैं
ख़ुदा
करे
मेरे
बच्चों
की
इन
में
जन्नत
हो
Rafi Raza
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मंज़र
बना
हुआ
हूँ
नज़ारे
के
साथ
मैं
कितनी
नज़र
मिलाऊँ
सितारे
के
साथ
मैं
दरिया
से
एक
घूँट
उठाने
के
वास्ते
भागा
हूँ
कितनी
दूर
किनारे
के
साथ
मैं
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Khalid Sajjad
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कोई
तितली
पकड़
लें
अगर
फूल
पर
रख
दिया
कीजिए
Vikas Rana
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जाने
कितने
घटे-बढ़े
होंगे
मुद्दतें
हो
गईं
सितारे
गिने
Vikas Rana
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हमने
चाहे
थे
अच्छे
दिन
तुम
सेे
तुमने
भी
अच्छे
दिन
दिखाए
हैं
Vikas Rana
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तुम
भी
रोती
हुई
दिखाई
दो
मैंने
रोते
हुए
ये
चाहा
था
Vikas Rana
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सोचना
भी
अजीब
आदत
है
ये
भी
तो
सोचने
की
सूरत
है
अब
मुझे
आप
छोड़
जाइएगा
अब
मुझे
आप
की
ज़रूरत
है
मेरी
सिगरेट
पे
ए'तिराज़
तो
हैं
क्या
मुझे
चूमने
की
हसरत
है
बस
अपने
आप
में
उलझा
हुआ
है
उसे
कह
दो
कि
शे'र
अच्छा
हुआ
है
समुंदर
की
चटाई
खींच
लो
अब
बहुत
दिन
से
यहीं
बैठा
हुआ
है
बुना
था
तुम
ने
पिछली
सर्दियों
में
ये
मैं
ने
हिज्र
जो
पहना
हुआ
है
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Vikas Rana
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