hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Vikas Rana
tere pahluu ya darmiyaañ nikle
tere pahluu ya darmiyaañ nikle | तेरे पहलू या दरमियाँ निकले
- Vikas Rana
तेरे
पहलू
या
दरमियाँ
निकले
एक
जाँ
है
कहाँ
कहाँ
निकले
इस
तरह
से
कभी
समेट
मुझे
मेरे
खुलने
पर
इक
जहाँ
निकले
सोचता
हूँ
यूँँ
न
हो
इक
दिन
ये
ज़मीं
कोई
आसमाँ
निकले
आ
तिरी
साँस
साँस
पी
लूँ
मैं
जिस्म
से
रूह
का
धुआँ
निकले
- Vikas Rana
Download Ghazal Image
ये
हक़ीक़त
है,
मज़हका
नहीं
है
वो
बहुत
दूर
है,
जुदा
नहीं
है
तेरे
होंटों
पे
रक़्स
करता
है
राज़
जो
अब
तलक
खुला
नहीं
है
जान
ए
जांँ
तेरे
हुस्न
के
आगे
ये
जो
शीशा
है,
आइना
नहीं
है
क्यूँ
शराबोर
हो
पसीने
में
मैं
ने
बोसा
अभी
लिया
नहीं
है
उस
का
पिंदार
भी
वहीं
का
वहीं
मेरे
लब
पर
भी
इल्तेजा
नहीं
है
जो
भी
होना
था
हो
चुका
काज़िम
अब
किसी
से
हमें
गिला
नहीं
है
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
5 Likes
बस
यूँँ
ही
मेरा
गाल
रखने
दे
मेरी
जान
आज
गाल
पर
अपने
Jaun Elia
Send
Download Image
27 Likes
गर
उदासी,
चिड़चिड़ापन,
जान
देना
प्यार
है
माफ़
करना,
काम
मुझको
और
भी
हैं
दोस्तो
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
8 Likes
वही
शागिर्द
फिर
हो
जाते
हैं
उस्ताद
ऐ
'जौहर'
जो
अपने
जान-ओ-दिल
से
ख़िदमत-ए-उस्ताद
करते
हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
Send
Download Image
33 Likes
अजीब
हालत
है
जिस्म-ओ-जाँ
की
हज़ार
पहलू
बदल
रहा
हूँ
वो
मेरे
अंदर
उतर
गया
है
मैं
ख़ुद
से
बाहर
निकल
रहा
हूँ
Azm Shakri
Send
Download Image
26 Likes
तीर
पर
तीर
लगाओ
तुम्हें
डर
किस
का
है
सीना
किस
का
है
मिरी
जान
जिगर
किस
का
है
Ameer Minai
Send
Download Image
33 Likes
इतनी
मिलती
है
मिरी
ग़ज़लों
से
सूरत
तेरी
लोग
तुझ
को
मिरा
महबूब
समझते
होंगे
Bashir Badr
Send
Download Image
112 Likes
पहले
तो
तुम्हें
जान
पुकारेंगे
यही
लोग
फिर
ख़ुद
ही
तुम्हें
जान
से
मारेंगे
यही
लोग
मुँह
पर
तो
बड़े
फ़ख्र
से
ता'ईद
करेंगे
फिर
पीठ
में
खंज़र
भी
उतारेंगे
यही
लोग
Read Full
Ashraf Ali
Send
Download Image
7 Likes
'हर्ष'
वस्ल
में
जितनी
मर्ज़ी
शे'र
कह
लो
तुम
हिज्र
के
बिना
इन
में
जान
आ
नहीं
सकती
Read Full
Harsh saxena
Send
Download Image
2 Likes
न
खाओ
क़स
में
वग़ैरा
न
अश्क
ज़ाया'
करो
तुम्हें
पता
है
मेरी
जान
हक़-पज़ीर
हूँ
मैं
Read Full
Amaan Haider
Send
Download Image
1 Like
Read More
मुझको
ये
मालूम
नहीं
था
तुम
सेे
मिलने
से
पहले
दोस्त
जल्दी
आँखें
भरने
वालों
के
मन
जल्दी
भर
जाते
हैं
Vikas Rana
Send
Download Image
27 Likes
कोई
लेगा
नहीं
बदला
हमारा
हमीं
को
क़त्ल
है
करना
हमारा
निछावर
जान
भी
है
उस
पे
करनी
अभी
तय
भी
नहीं
मरना
हमारा
हमारे
होंट
के
सहरा
तुम्हारे
तुम्हारी
आँख
का
दरिया
हमारा
अभी
इक
शे'र
कहना
रह
गया
है
अभी
निकला
नहीं
काँटा
हमारा
Read Full
Vikas Rana
Download Image
4 Likes
तुम
भी
रोती
हुई
दिखाई
दो
मैंने
रोते
हुए
ये
चाहा
था
Vikas Rana
Send
Download Image
32 Likes
हमने
चाहे
थे
अच्छे
दिन
तुम
सेे
तुमने
भी
अच्छे
दिन
दिखाए
हैं
Vikas Rana
Send
Download Image
27 Likes
सोचना
भी
अजीब
आदत
है
ये
भी
तो
सोचने
की
सूरत
है
अब
मुझे
आप
छोड़
जाइएगा
अब
मुझे
आप
की
ज़रूरत
है
मेरी
सिगरेट
पे
ए'तिराज़
तो
हैं
क्या
मुझे
चूमने
की
हसरत
है
बस
अपने
आप
में
उलझा
हुआ
है
उसे
कह
दो
कि
शे'र
अच्छा
हुआ
है
समुंदर
की
चटाई
खींच
लो
अब
बहुत
दिन
से
यहीं
बैठा
हुआ
है
बुना
था
तुम
ने
पिछली
सर्दियों
में
ये
मैं
ने
हिज्र
जो
पहना
हुआ
है
Read Full
Vikas Rana
Download Image
4 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Taareef Shayari
Akhbaar Shayari
Masti Shayari
Haya Shayari
Adaa Shayari