आँखोंमेंउसकीडूबकेउभरानहींहूँमैं
जिसनेभुलादियाउसेभूलानहींहूँमैं
अबलम्हालम्हाअपनेबिखरनेकाख़ौफ़है
ग़ुंचेकीतरहबंदहूँखुलतानहींहूँमैं
पीछेपलटकेदेखातोपरछाईंभीनथी
सोचाथाराह-ए-शौक़मेंतन्हानहींहूँमैं
येसोचताहूँकैसेरहूँगातुम्हारेसाथ
अक्सरतोअपनेसाथभीरहतानहींहूँमैं
'फ़ाख़िर'इसीगलीमेंमिलेगादिल-ए-ख़राब
लेकिनअबइसगलीसेगुज़रतानहींहूँमैं