ek paikar yuñ chamak utha hai mire dhyaan men | एक पैकर यूँँ चमक उट्ठा है मेरे ध्यान में

  - Afzal Minhas
एकपैकरयूँँचमकउट्ठाहैमेरेध्यानमें
कोईजुगनूउड़रहाहोजिसतरहतूफ़ानमें
हरबगूलाबस्तियोंकीसम्तलहरानेलगा
आश्नाचेहरेभीअबआतेनहींपहचानमें
क्याक़यामतहैकिकोईपूछनेवालानहीं
ज़िंदगीतन्हाखड़ीहैहश्रकेमैदानमें
वक़्तपड़तेहीहुएरू-पोशसबहल्क़ा-ब-गोश
इकयहीख़ूबीतोहैइसदौरकेइंसानमें
आइनेयादोंकेमैंनेतोड़डालेथेमगर
चंदचेहरेफिरउभरआएमिरेविज्दानमें
लोगमेरीमौतकेख़्वाहाँहैं'अफ़ज़ल'किसलिए
चंदग़ज़लोंकेसिवाकुछभीनहींसामानमें
  - Afzal Minhas
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