chup rahe to shahar ki hangaama aaraai mili | चुप रहे तो शहर की हंगामा आराई मिली

  - Afzal Minhas
चुपरहेतोशहरकीहंगामाआराईमिली
अबअगरखोलेतोहमकोक़ैद-ए-तन्हाईमिली
ज़िंदगीकीज़ुल्मतेंअपनेलहूमेंरचगईं
तबकहींजाकरहमेंआँखोंकीबीनाईमिली
मौसम-ए-गुलकीनईतक़्सीमहैराँकरगई
ज़ख़्मफूलोंकोमिलेकाँटोंकोरा'नाईमिली
सत्ह-ए-दरियापरउभरनेकीतमन्नाहीनहीं
अर्शपरपहुँचेहुएहैंजबसेगहराईमिली
दूसरोंकोसंग-ए-दिलकहनाबड़ाआसानथा
ख़ुदकोजबदेखातोअपनीआँखपथराईमिली
  - Afzal Minhas
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