mujhe batlaaiye ab kaun si jeene ki soorat hai | मुझे बतलाईए अब कौन सी जीने की सूरत है

  - Afzal Minhas
मुझेबतलाईएअबकौनसीजीनेकीसूरतहै
ज़मानाइसघनेजंगलमेंइकचीतेकीसूरतहै
बिखरतेजिस्मलेकरतुंदतूफ़ानोंमेंबैठेहैं
कोईज़र्रेकीसूरतहैकोईटीलेकीसूरतहै
चुरालायाथाआँखोंमेंजोइकतस्वीरदुनियाकी
वोअबसहरामेंइकसह
मेंहुएबच्चेकीसूरतहै
मिरीतहरीरकेहरलफ़्ज़मेंज़िंदाहैंआवाज़ें
मगरहैरानहूँचेहरामिराकत्बेकीसूरतहै
येकैसीआगहै'अफ़ज़ल'जलेसाएभीपेड़ोंके
धुएँमेंकिसतरफ़जाऊँअजबरस्तेकीसूरतहै
  - Afzal Minhas
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