गुम-सुमहवाकेपेड़सेलिपटाहुआहूँमें
कत्बेपेअपनेहाथसेलिक्खाहुआहूँमैं
आँखोंमेंवसवसोंकीनईनींदबसगई
सोजाऊँएकउम्रसेजागाहुआहूँमैं
यारबरगोंमेंख़ूनकीहिद्दतनहींरही
याकर्बकीसलीबपेलटकाहुआहूँमैं
अपनीबुलंदियोंसेगिरूँभीतोकिसतरह
फैलीहुईफ़ज़ाओंमेंबिखराहुआहूँमैं
पत्तेगिरेतोऔरभीआसेबबनगए
वोशोरहैकिख़ुदसेभीसहमाहुआहूँमैं
शाख़ोंसेटूटनेकीसदादूरतकगई
महसूसहोरहाहैकिटूटाहुआहूँमैं
वोआगहैकिसारीजड़ेंजलकेरहगईं
वोज़हरहैकिफूलसेकाँटाहुआहूँमैं
कटतेहुएतनेकाभीनोचागयालिबास
गिरकरज़मींपेऔरभीरुस्वाहुआहूँमैं
'अफ़ज़ल'मैंसोचताहूँयेक्याहोगयामुझे
मिट्टीमिलीतोऔरभीचटख़ाहुआहूँमैं