log hansne ke li.e rote hain akshar dehr men | लोग हँसने के लिए रोते हैं अक्सर दहर में

  - Afzal Minhas
लोगहँसनेकेलिएरोतेहैंअक्सरदहरमें
तल्ख़ियाँख़ुदहीमिलालेतेहैंमीठेज़हरमें
प्यारकेचश्मोंकापानीजबसेखाराहोगया
सारीदुनियाघिरगईहैनफ़रतोंकेक़हरमें
वक़्तकहताहैउभरतेडूबतेचेहरोंकोदेख
आजतोरौनक़बड़ीहैहादसोंकीनहरमें
जानेयेहिद्दतचमनकोरासआएयानहीं
आगजैसीकैफ़ियतहैख़ुशबुओंकीलहरमें
हमनेपलकोंपरसजारखेहैंअश्कोंकेचराग़
एकमेलासालगाहैरौशनीकेशहरमें
चंदआवाज़ेंतआ'क़ुबमेंहैं'अफ़ज़ल'आजभी
क़ुर्बतोंकाशहदहैतन्हाइयोंकेज़हरमें
  - Afzal Minhas
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