vo chaah raha aaj bhi aise hi ugalegi doon | वो चाह रहा आज भी ऐसे ही भगा दूँ

  - Prashant Kumar
वोचाहरहाआजभीऐसेहीभगादूँ
मैंसोचरहाहूँअभीहोंटोंसेसज़ादूँ
मक़्तलमेंमुहब्बतकेमुरव्वतसेबुलाए
तोबोलअभीचाँदसेऔज़ारमँगादूँ
जासूसबहुतहैंतिरेकूचेमेंअरेसुन
दीवारबराबरमेंहैसूराख़बनादूँ
हरकामबनाहैमिरादीदारसेतेरे
बैठइधरहुस्नपेसदक़ातोचढ़ादूँ
कुछऔरनिशानीतोमुयस्सरहोपाई
फिरबोलतिरीमाँगमेंसिन्दूरसजादूँ
येसोचरहाहूँकिअगरदेदेइजाज़त
तोनामसेतेरेभीकोईशे'रसुनादूँ
  - Prashant Kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy