mehfil men teri khoob sataaya gaya mujhe | महफ़िल में तेरी ख़ूब सताया गया मुझे

  - Prashant Kumar
महफ़िलमेंतेरीख़ूबसतायागयामुझे
हँसनेलगातोफिरसेरुलायागयामुझे
हरबारज़िंदादेखकेहैरानथेसभी
सोआजसेअकेलेबुलायागयामुझे
होतीथीदास्तानमिरेनामसेकभी
औरआजहरज़बाँसेमिटायागयामुझे
संसारमेंअपनाथागैरथाकोई
तोबोलकिसकेहाथजलायागयामुझे
जोशख़्सथूकताथामिरेथोपड़ेपेकल
आजउसकेरू-ब-रूहीबिठायागयामुझे
पहलेतोहाथसेयेज़बाँकाटदीगई
फिरसामनेसभीकेहँसायागयामुझे
दो-चारबूँदेंअश्ककीबाक़ीबचीथींजो
वोछीननेकेबादरुलायागयामुझे
मेरीचमकधमकतोमरासिमतुझीसेहै
रौनक़तिरेहीघरकीबतायागयामुझे
  - Prashant Kumar
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