ab kaam tumhein chhod kar aanaa hi padega | अब काम तुम्हें छोड़ कर आना ही पड़ेगा

  - Prashant Kumar
अबकामतुम्हेंछोड़करआनाहीपड़ेगा
खानामुझेहाथोंसेखिलानाहीपड़ेगा
इकरोज़जहाॅंछोड़केजानाहीपड़ेगा
येरीतहैदुनियाकीनिभानाहीपड़ेगा
जीवनहैयहीमानलोबाज़ारकोआए
सोशामतलकघरतुम्हेंजानाहीपड़ेगा
रखतानहींविश्वासमैंभक्तिमेंख़ुदामें
रस्म-ओ-रह-ए-दुनियातोनिभानाहीपड़ेगा
दौलततिरीरिश्तेतिरेबेकारकीबातें
इकरोज़इन्हेंछोड़केजानाहीपड़ेगा
माटीकेखिलौनेकेसिवाकुछनहींइंसाँ
माटीकोतोमाटीमेंमिलानाहीपड़ेगा
ऐसेतोतुझेआजमैंजानेनहींदूँगा
चेहरामुझेइकबारदिखानाहीपड़ेगा
  - Prashant Kumar
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