baat kis se karoon jo log idhar aate hain | बात किस सेे करूँँ जो लोग इधर आते हैं

  - Prashant Kumar
बातकिससेेकरूँँजोलोगइधरआतेहैं
एकचेहरेमेंकईचेहरेनज़रआतेहैं
एक-दोसालसेमैंघरपेकहाँरहताहूँ
वैसेकहनेकोवोहररोज़इधरआतेहैं
जबकभीसूखीहुईडालअगरछूलेंवो
फूलकहतेहैंकिसोनेकेउतरआतेहैं
याँनहींआजसेतुमदिलमेंरहोगीमेरे
येसुनाहैसभीतूफ़ानइधरआतेहैं
ऐसालगताहैतिरेशहरमेंसबपागलहैं
देनेसबतेरीजगहमेरीख़बरआतेहैं
  - Prashant Kumar
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