husn men aag hai chaandni raat hai | हुस्न में आग है चाँदनी रात है

  - Prashant Kumar
हुस्नमेंआगहैचाँदनीरातहै
हमअकेलेनहींजामभीसाथहै
हुस्नपरछारहीहैघटालगरहा
होनेवालीमोहब्बतकीबरसातहै
मैंतिरेसाथहूँतूमिरेसाथहै
हाथमेंहाथहैआजकीबातहै
ऐसेथोड़ीचलीजाओगीछोड़कर
देखलोजान-ए-मनहाथमेंहाथहै
हमलगाएहुएतुमलगाएहुए
रातग़मगीनहैहल्कीबरसातहै
बोलतेहमनहींबोलतेतुमनहीं
दोनोंख़ामोशहैंकुछकुछबातहै
गरसतानाहैजल्दीसतालोसनम
मेरेहिस्सेमेंबसआजकीरातहै
  - Prashant Kumar
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