kabhi tashreef mehfil men uthakar dekh lete hain | कभी तशरीफ़ महफ़िल में उठाकर देख लेते हैं

  - Prashant Kumar
कभीतशरीफ़महफ़िलमेंउठाकरदेखलेतेहैं
बहुतचालाकहैंनज़रेंचुराकरदेखलेतेहैं
किसीकेहाथसेफोटोमँगाकरदेखलेतेहैं
कभीगेहूँकेखेतोंमेंबुलाकरदेखलेतेहैं
तलबहोभीअगरदीदारकीतोरातमेंउठकर
मुझेकमरेमेंचुपकेसेजगाकरदेखलेतेहैं
सुनाहैफूलखिलजातेहैंउनकेमुस्कुरानेसे
अगरयेबातहैतोगुदगुदाकरदेखलेतेहैं
कमरजबभीहिलेतोनाफ़सेनाफ़ानिकलताहै
अगरयेबातहैतोचलहिलाकरदेखलेतेहैं
  - Prashant Kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy