KHuda is zamaane ko kya ho gaya | ख़ुदा इस ज़माने को क्या हो गया

  - Prashant Kumar
ख़ुदाइसज़मानेकोक्याहोगया
मिरेनामसेहीख़फ़ाहोगया
जिधरदेखोसिगरेटकाहीधुआँ
कोईफिरकिसीसेजुदाहोगया
अकेलाचलाथासफ़रपेमैंतो
ख़ुदीसाथमेंकाफ़िलाहोगया
मुझेडिग्रियोंकीज़रूरतनहीं
मिराहरजगहदाख़िलाहोगया
जोइंसानबननेकेलाइक़नहीं
वोअहलजहाँकाख़ुदाहोगया
मिरीहरमुहब्बतचलीझूटसे
जहाँसचकहाबे-वफ़ाहोगया
  - Prashant Kumar
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