mat kar hamaari fikr ab aisa hai dilruba | मत कर हमारी फ़िक्र अब ऐसा है दिलरुबा

  - Prashant Kumar
मतकरहमारीफ़िक्रअबऐसाहैदिलरुबा
हमजारहेहैंछोड़केशहर-ए-फ़तनतिरा
मैंइसक़दरलुटाहूँकिरस्तेपरगया
येवक़्त-ए-सख़्तआजसभीकुछसिखागया
मुझकोबुख़ारगयाथारातमेंमगर
माँनेनज़रउतारकेसबठीककरदिया
केवलकिताबमाँगनेआईथीदिलरुबा
तुमनेहमारानामहीमहबूबरखलिया
सबलोगपीरहेहैंउधरनफ़रतोंकेजाम
हमकोमिलाहैप्यारसेज़हराबपीलिया
मैंनेनहींबनायाकिसीकामज़ाक़पर
मेरामज़ाक़आजसभीनेबनालिया
मैंनेतोज़हरखालियाइस
मेंमैंक्याकरूँँ
जबहरफ़क़ीरमेरेलिएहाथउठागया
मेरीख़ताहैइस
मेंमैंचलतादेखकर
पत्थरनेरास्तोंकेहक़अपनाअदाकिया
मैंनेकभीकिसीकादुखायानहींहैदिल
मेरातोजानबूझकेसबनेदुखालिया
  - Prashant Kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy