agar hamaara khayal hota | अगर हमारा ख़याल होता

  - Prashant Kumar
अगरहमाराख़यालहोता
जहानमेंफिरबवालहोता
मुशायरेमेंगयानहींक्यूँँ
मिरेसुख़नसेबवालहोता
तुम्हेंहमारीनहींज़रूरत
चलोवगरनाकमालहोता
पढ़ेलिखेहोपढ़ेलिखेहैं
हाथमेंफिरकपालहोता
पनाहमेंतुममिरीजोरहते
तोख़ूब-सूरतजमालहोता
अगरमैंआतानहींजहाँमें
बहिश्तमेंफिरबवालहोता
  - Prashant Kumar
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