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Asad Khan
khudaaya guzarish hai eimaan ke saath
khudaaya guzarish hai eimaan ke saath | ख़ुदाया गुज़ारिश है ईमान के साथ
- Asad Khan
ख़ुदाया
गुज़ारिश
है
ईमान
के
साथ
उसे
लौटा
दे
फिर
से
रमज़ान
के
साथ
- Asad Khan
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अभी
तो
जाग
रहे
हैं
चराग़
राहों
के
अभी
है
दूर
सहर
थोड़ी
दूर
साथ
चलो
Ahmad Faraz
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अच्छी
बुरी
हर
इक
कमी
के
साथ
हैं
हम
यार
आँखों
की
नमी
के
साथ
हैं
दो
जिस्म
ब्याहे
जा
रहे
हैं
आज
भी
हम
सब
पराए
आदमी
के
साथ
हैं
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Neeraj Neer
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आ
जाए
कौन
कब
कहाँ
कैसी
ख़बर
के
साथ
अपने
ही
घर
में
बैठा
हुआ
हूँ
मैं
डर
के
साथ
Pratap Somvanshi
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साथ
में
तू
मेरे
दो
गाम
तो
चल
सकता
है
इतना
चलने
से
मेरा
काम
तो
चल
सकता
है
तेरे
दिल
में
किसी
शायर
की
जगह
तो
होगी
इस
इलाके
में
मेरा
नाम
तो
चल
सकता
है
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Ashu Mishra
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हमारे
कुछ
गुनाहों
की
सज़ा
भी
साथ
चलती
है
हम
अब
तन्हा
नहीं
चलते
दवा
भी
साथ
चलती
है
Munawwar Rana
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ये
ज़ुल्फ़
अगर
खुल
के
बिखर
जाए
तो
अच्छा
इस
रात
की
तक़दीर
सँवर
जाए
तो
अच्छा
जिस
तरह
से
थोड़ी
सी
तेरे
साथ
कटी
है
बाक़ी
भी
उसी
तरह
गुज़र
जाए
तो
अच्छा
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Sahir Ludhianvi
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रात
हो,
चाँद
हो,
बारिश
भी
हो
और
तुम
भी
हो
ऐसा
मुमकिन
ही
नहीं
है
कि
कभी
हो
मिरे
साथ
Faiz Ahmad
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अँधेरों
में
भले
ही
साथ
छोड़ा
था
हमारा
मगर
जब
रौशनी
लौटी
तो
साए
लौट
आए
Vikas Sahaj
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मंज़र
बना
हुआ
हूँ
नज़ारे
के
साथ
मैं
कितनी
नज़र
मिलाऊँ
सितारे
के
साथ
मैं
दरिया
से
एक
घूँट
उठाने
के
वास्ते
भागा
हूँ
कितनी
दूर
किनारे
के
साथ
मैं
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Khalid Sajjad
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दिल
बना
दोस्त
तो
क्या
क्या
न
सितम
उस
ने
किए
हम
भी
नादां
थे
निभाते
रहे
नादान
के
साथ
Shakeel Badayuni
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जीने
की
बात
चल
रही
है
दोस्त
ज़िंदगी
क्यूँ
मचल
रही
है
दोस्त
वस्ल
के
दिन
है
और
ख़ाली
है
जेब
सो
मुलाक़ात
टल
रही
है
दोस्त
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Asad Khan
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रस्ते
में
आने
वाली
ठोकर
बना
दिया
है
इस
ज़िंदगी
ने
मुझको
पत्थर
बना
दिया
है
उसने
कहा
के
ख़्वाहिश
ज़ाहिर
करो
सो
मैंने
उसकी
जबीं
को
चूमा
और
घर
बना
दिया
है
मैंने
तो
धूप
से
डर
के
थामा
था
शजर
को
हालात
ने
उसी
का
शौहर
बना
दिया
है
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Asad Khan
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वो
मेरी
बात
को
समझता
नहीं
रात
भर
रात
को
समझता
नहीं
फिर
से
इस
दिल
ने
इश्क़
कर
लिया
है
ये
कभी
ज़ात
को
समझता
नहीं
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Asad Khan
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उसे
मिली
है
सहूलत
ये
हुस्न
से
अपने
वो
क़त्ल
कर
दे
तो
इल्ज़ाम
भी
नहीं
आता
Asad Khan
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सब
शुरू
में
हम
सेे
अच्छा
बोलते
हैं
बेसबब
फिर
उल्टा
सीधा
बोलते
हैं
रात
जंगल
में
गुज़ारी
तो
ये
पाया,
पेड़
इक
दूजे
से
कितना
बोलते
हैं
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Asad Khan
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