yaad to aayega vo guzra zamaana | याद तो आएगा वो गुज़रा ज़माना

  - SHABAB ANWAR
यादतोआएगावोगुज़राज़माना
जबतिरेदिलमेंथाबसमेराठिकाना
एकसस्तीशयकीख़ातिरमुझकोछोड़ा
ग़ैरकीचाहतमेंतूइतनादिवाना
जोविरासतमेंमिलीतोक्याहीजानो
कितनामुश्किलहोताहैइकघरबनाना
  - SHABAB ANWAR
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