hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
SHABAB ANWAR
mujhko kabhi ata na ho
mujhko kabhi ata na ho | मुझको कभी अता न हो
- SHABAB ANWAR
मुझको
कभी
अता
न
हो
जिस
इश्क़
में
वफ़ा
न
हो
हर
बात
तेरी
मानूँगा
बस
मुझ
सेे
तू
ख़फ़ा
न
हो
इक
ज़ख़्म
ऐसा
चाहिए
जिसकी
कोई
दवा
न
हो
इक
बार
मुझ
सेे
तुम
मिलो
और
फिर
कभी
जुदा
न
हो
बन
जाए
वो
फ़रिश्ता
ही
बंदा
अगर
बुरा
न
हो
- SHABAB ANWAR
Download Ghazal Image
उसकी
इतनी
हसीन
सूरत
है
देख
कर
चाँद
को
भी
हैरत
है
सादगी
में
जो
ख़ूब-सूरत
है
उसको
सजने
की
क्या
ज़रूरत
है
इक
ज़माना
हुआ
मिले
तुम
सेे
अब
तुम्हें
देखने
की
हसरत
है
प्यार
मुझको
यहाँ
मिले
कैसे
सबके
दिल
में
तो
बैठी
नफ़रत
है
एक
पल
मेरे
बिन
नहीं
रहती
उसकी
भी
ये
अजीब
फ़ितरत
है
Read Full
SHABAB ANWAR
Download Image
3 Likes
जो
भी
माँगे
वो
तुझे
हासिल
हो
शक
दु'आ
में
न
अगर
शामिल
हो
छोड़िए
ख़र्च
ज़ियादा
करना
जब
कमाना
ही
हमें
मुश्किल
हो
बिन
कहे
मेरे
वो
सब
कुछ
समझे
इतना
इक
यार
मिरा
क़ाबिल
हो
जब
हो
बेचैन
कभी
दिल
तेरा
रब
के
घर
में
भी
कभी
दाख़िल
हो
कर
दु'आ
अपने
ख़ुदास
अनवर
कुछ
तो
अच्छा
तिरा
मुस्तक़बिल
हो
Read Full
SHABAB ANWAR
Download Image
5 Likes
नसीब
अपना
किस
तरह
बनाएँ
हम
लकीरें
हाथ
की
किसे
दिखाएँ
हम
यही
तलब
है
हम
सेे
घर
के
लोगों
की
कहीं
से
रोज़
धन
कमा
के
लाएँ
हम
हमारे
बाप
ने
भी
कल
ये
कह
दिया
तुम्हारा
बोझ
कितना
और
उठाएँ
हम
जतन
इसी
के
वास्ते
है
कैसे
अब
गरीबी
के
चराग़
को
बुझाएँ
हम
Read Full
SHABAB ANWAR
Download Image
3 Likes
न
हो
राह
में
कोई
आफ़त
अगर
तो
फिर
तुम
सही
रास्ते
पर
नहीं
क़दम
तो
बढ़ाना
पड़ेगा
तुम्हें
यहाँ
मिलता
कुछ
सोचने
पर
नहीं
Read Full
SHABAB ANWAR
Send
Download Image
3 Likes
हो
गया
रुस्वा
वो
पहले
ही
इश्क़
में
सो
वफ़ा
भी
उसे
अब
जफ़ा
लगती
है
SHABAB ANWAR
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Teacher Shayari
Romantic Shayari
Raushni Shayari
Good morning Shayari
Allahabad Shayari