shaam ka manzar suh | शाम का मंज़र सुहाना होता है

  - SHABAB ANWAR
शामकामंज़रसुहानाहोताहै
तेरीयादोंकोजोआनाहोताहै
करनेवालेकरगुज़रतेहैंसभी
काहिलोंकातोबहानाहोताहै
ख़ामियाँफिरकुछनज़रआतीनहीं
कोईबंदाजबदिवानाहोताहै
देखलेवोमुस्कुराकेगरकभी
दिलमेंख़ुशियोंकाठिकानाहोताहै
तेराअच्छावक़्तहैतोक्याहुआ
दोस्त'अनवर'काज़मानाहोताहै
  - SHABAB ANWAR
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy