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Harsh saxena
phir usii sitamgar ko yaad kar rahe hain ham
phir usii sitamgar ko yaad kar rahe hain ham | फिर उसी सितमगर को याद कर रहे हैं हम
- Harsh saxena
फिर
उसी
सितमगर
को
याद
कर
रहे
हैं
हम
यानी
बे-वजह
ग़म
ईजाद
कर
रहे
हैं
हम
- Harsh saxena
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दिलों
को
तेरे
तबस्सुम
की
याद
यूँँ
आई
कि
जगमगा
उठें
जिस
तरह
मंदिरों
में
चराग़
Firaq Gorakhpuri
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याद
भी
आता
नहीं
कुछ
भूलता
भी
कुछ
नहीं
या
बहुत
मसरूफ़
हूँ
मैं
या
बहुत
फ़ुर्सत
में
हूँ
Bharat Bhushan Pant
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सुबूत
है
ये
मोहब्बत
की
सादा-लौही
का
जब
उस
ने
वा'दा
किया
हम
ने
ए'तिबार
Josh Malihabadi
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वफ़ा
करेंगे
निबाहेंगे
बात
मानेंगे
तुम्हें
भी
याद
है
कुछ
ये
कलाम
किस
का
था
Dagh Dehlvi
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सुबूत
है
ये
मोहब्बत
की
सादा-लौही
का
जब
उस
ने
वा'दा
किया
हम
ने
ए'तिबार
किया
Josh Malihabadi
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जबकि
मैंने
इश्क़
में
मरने
का
वा'दा
कर
लिया
तब
लगा
मुझको
कि
मैंने
इश्क़
ज़्यादा
कर
लिया
Siddharth Saaz
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'अंजुम'
तुम्हारा
शहर
जिधर
है
उसी
तरफ़
इक
रेल
जा
रही
थी
कि
तुम
याद
आ
गए
Anjum Rehbar
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ये
शहर-ए-अजनबी
में
अब
किसे
जा
कर
बताएँ
हम
कहाँ
के
रहने
वाले
हैं
कहाँ
की
याद
आती
है
Ashu Mishra
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हमारे
दिल
में
तुम
गहरे
न
उतरो
किसी
की
याद
का
गोदाम
होगा
Tanoj Dadhich
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अच्छे
हो
कर
लौट
गए
सब
घर
लेकिन
मौत
का
चेहरा
याद
रहा
बीमारों
को
Shariq Kaifi
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तमाम
उलझनों
में
भी
यूँँ
मुस्कुराता
है
न
जाने
इतना
हुनर
वो
कहाँ
से
लाता
है
Harsh saxena
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अपने
गले
लगा
ले
मुझे
यार
की
तरह
कब
तक
पड़ा
रहूँगा
यूँँ
बीमार
की
तरह
इल्ज़ाम
जिसके
हिस्से
के
बैठा
हूँ
सर
लिए
वो
देखता
है
मुझको
गुनहगार
की
तरह
आँखों
से
गुफ़्तुगू
की
तमन्ना
तो
है
मगर
नज़रें
हैं
हू-ब-हू
तेरी
तलवार
की
तरह
इक
रूह
की
तलब
मुझे
लाई
थी
मौत
तक
इक
जिस्म
ने
बचा
लिया
हर
बार
की
तरह
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Harsh saxena
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चाहे
तो
कोशिश
कर
लो
दावा
है
भूल
न
पाओगी
जब
भी
ज़िक्र-ए-वफ़ा
होगा
तुम
मेरे
शे'र
सुनाओगी
Harsh saxena
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मुझे
ख़ुश
करने
की
कोई
नई
तरकीब
ढूँढो
अब
यूँँ
उसका
ज़िक्र
हर
इक
बात
पर
अच्छा
नहीं
यारों
Harsh saxena
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इसी
ख़ुश-फ़हमी
ने
ज़िंदा
रखा
मुझको
कि
वो
मुझ
सेे
बिछड़
कर
जी
नहीं
सकता
Harsh saxena
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