कुछहवाकुछदिलधड़कनेकीसदा
शोरमेंकुछसुननहींपाताहूँमैं
बिनकहेआऊँगाजबभीआऊँगा
मुंतज़िरआँखोंसेघबराताहूँमैं
यादआतीहैतिरीसंजीदगी
औरफिरहँसताचलाजाताहूँमैं
फ़ासलारखकेभीक्याहासिलहुआ
आजभीउसकाहीकहलाताहूँमैं
छुपरहाहूँआइनेकीआँखसे
थोड़ाथोड़ारोज़धुँदलाताहूँमैं
अपनीसारीशानखोदेताहैज़ख़्म
जबदवाकरतानज़रआताहूँमैं
सचतोयेहैमुस्तरदकरकेउसे
इकतरहसेख़ुदकोझुटलाताहूँमैं
आजउसपरभीभटकनापड़गया
रोज़जिसरस्तेसेघरआताहूँमैं