teer ka tere nishaana aa gaya | तीर का तेरे निशाना आ गया

  - Zafar Siddqui
तीरकातेरेनिशानागया
सामनेतेरादिवानागया
येमोहब्बतकाअसरभीखूबहै
नफरतोंकोसरझुकानागया
होगयामुझकोभीहासिलयेहुनर
पत्थरोंमेंगुलखिलानागया
देखकरअबमुस्कुरादेताहैवो
दिलउसेभीअबचुरानागया
वोअदबसेपेशभीआनेलगे
प्यारउनकोभीनिभानागया
ठोकरेंखाकरमुझेभीदोस्तों
राहपरचलनाचलानागया
जबसेआदतसोचनेकीछोड़दी
फिरज़फरकोमुस्कुरानागया
  - Zafar Siddqui
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy