kitne pyaare hain ye suhaane KHat | कितने प्यारे हैं ये सुहाने ख़त

  - Zafar Siddqui
कितनेप्यारेहैंयेसुहानेख़त
पढ़रहाहूँतिरेपुरानेख़त
ख़तकेलफ्ज़ोंमेंहैतिरीख़ुशबू
चूमतारहताहूँसुहानेख़त
नींदभीफिरसुहानीआतीहै
जबभीपढ़ताहूँमैंपुरानेख़त
मैंभुलानातोचाहताहूँतुझे
परनहींदेतेहैंभुलानेख़त
इश्क़रुस्वाहोनेदूँगामैं
येकिसीकोनहींदिखानेख़त
यादउसकीज़फरसतातीहै
देखताजबभीहूँपुरानेख़त
  - Zafar Siddqui
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