sukhun men doob kar afkaar ke andar se nikli hooñ | सुख़न में डूब कर अफ़्कार के अंदर से निकली हूँ

  - Yasmeen Sahar
सुख़नमेंडूबकरअफ़्कारकेअंदरसेनिकलीहूँ
बड़ीमुश्किलसेमैंकिरदारकेअंदरसेनिकलीहूँ
येकैसीतानमेंभरकरउताराख़ुदकोनग़्मेंमें
ढलीसुरमेंमैंझंकारकेअंदरसेनिकलीहूँ
मिरीमर्ज़ीभीशामिलजबहुईहैउसकीमर्ज़ीमें
मैंज़िदकोतोड़करइंकारकेअंदरसेनिकलीहूँ
कहींबुनियादमेंशामिलहुआहोगालहूमेरा
मैंमिट्टीहोकेजिसदीवारकेअंदरसेनिकलीहूँ
कियातख़्लीक़उसनेमुझकोकिसमेआ'रपररखकर
ढलीफ़नमेंमैंफ़नकारकेअंदरसेनिकलीहूँ
मुझेछाँटाहैजानेकिसनेरखकरकिसकसौटीपर
मैंक्याजानूँमैंकिसमेआ'रकेअंदरसेनिकलीहूँ
कोईभीक़ौसइसतस्वीरकीखुलतीनहींमुझपर
मैंकिनहाथोंसेकिसपरकारकेअंदरसेनिकलीहूँ
'सहर'आसाँथाअपनेमुक़ाबिलकेख़ुदलड़ना
यहीहैजीतमेरीहारकेअंदरसेनिकलीहूँ
  - Yasmeen Sahar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy