qataar jugnuon ki raushni lutaati rahi | क़तार जुगनुओं की रौशनी लुटाती रही

  - Yasmeen Sahar
क़तारजुगनुओंकीरौशनीलुटातीरही
मैंरंगगूँधकेतितलीकेपरबनातीरही
रखाथासूईकीटिक-टिकपेइकधड़कतादिल
यहीतमाशाघड़ीहाथकीदिखातीरही
मैंचाँदनीकीसहेलीवोचाँदभाईमिरा
तमामदिनयहीआवाज़कानखातीरही
घिसा-पिटाकहींकुछइंतिज़ाररोतारहा
हवाकोदेखोखड़ीसीटियाँबजातीरही
वोथापढोलकीकुछऔरतेज़होतीगई
ख़मोशीबैठीमिरेपासगुनगुनातीरही
वोएकलड़कासालिपटाहुआचराग़केसाथ
दिया-सलाईमिरीउँगलियाँजलातीरही
फ़लककीखूँटीसेटाँगाहुआथाएकख़याल
ज़मींपेबैठीतिरीबातमुस्कुरातीरही
मैंबर्फ़-बारीमेंनिकलीथीआगसुलगाने
वोनन्हीतितलीमिरेपाँवजबदबातीरही
क़रीबलानेकीतर्ग़ीबदेनेवालेदेख
तिरीख़ुशीमेंमिरीज़िंदगीभीजातीरही
  - Yasmeen Sahar
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