khayal andar hi andar mar gaya hai | ख़याल अंदर ही अंदर मर गया है

  - Yasmeen Sahar
ख़यालअंदरहीअंदरमरगयाहै
तिराग़ममुझकोपागलकरगयाहै
ख़ुशीआँखोंमेंआँसूखींचतीहै
समझलोदिलदुखोंसेभरगयाहै
तलबउसकोहोगीभूककीअब
मिरीजानिबसेलुक़्मातरगयाहै
तबाहीमेंगईंदीवारेंघरकी
खिड़कीहीकोईदरगयाहै
पड़ीहैगहरेदुखकीज़र्बदिलपर
मुकम्मलजिससेदर्द-ए-सरगयाहै
पलटआनाहोमुमकिनजहाँसे
मुसाफ़िरउसमसाफ़तपरगयाहै
मैंउसकोछोड़दूँसोचानहींहै
वोऐसासोचकरहीडरगयाहै
वोआएगातोउससेबातहोगी
जोअबकेछुट्टियोंमेंघरगयाहै
  - Yasmeen Sahar
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