mujh pe tooti jo siyah-raat bataane ki nahin | मुझ पे टूटी जो सियह-रात बताने की नहीं

  - Yasmeen Sahar
मुझपेटूटीजोसियह-रातबतानेकीनहीं
या'नीयेगर्दिश-ए-हालातबतानेकीनहीं
हाँमिराहालभीबिल्कुलहैतुम्हारेजैसा
मानलोबातकिहरबातबतानेकीनहीं
दिलकीरगरगमेंघुलीजाएहलावतजिसकी
हाएवोदर्दकीसौग़ातबतानेकीनहीं
धूपकेशहरमेंमेरेभीकईदिनगुज़रे
सरपेबरसीथीजोबरसातबतानेकीनहीं
ज़िंदगीमस्तथीतबअपनीफ़ज़ाओंमेंमगन
खेलीथीवक़्तनेजोघातबतानेकीनहीं
मैंकहानीकोनएलफ़्ज़-ओ-मआ'नीदूँगी
ख़ुदपेगुज़रीहुईदिन-रातबतानेकीनहीं
वक़्तनेकीथीरक़मउसघड़ीइकउम्दामिसाल
ज़िंदगीथीजोतिरेसाथबतानेकीनहीं
जानेअनजानेमेंक्याराज़हुएहैंइफ़्शा
यूँँखुलीमुझपेमिरीज़ातबतानेकीनहीं
ज़िक्रमेंलाऊँतोछिनजानेकाख़दशाहै'सहर'
आईजोशयहैमिरेहाथबतानेकीनहीं
  - Yasmeen Sahar
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