ज़ख़्मपरछिड़केंकहाँतिफ़्लान-ए-बे-परवानमक
क्यामज़ाहोताअगरपत्थरमेंभीहोतानमक
गर्द-ए-राह-ए-यारहैसामान-ए-नाज़-ए-ज़ख़्म-ए-दिल
वर्नाहोताहैजहाँमेंकिसक़दरपैदानमक
मुझकोअर्ज़ानीरहेतुझकोमुबारकहोजियो
नाला-ए-बुलबुलकादर्दऔरख़ंदा-ए-गुलकानमक
शोर-ए-जौलाँथाकनार-ए-बहरपरकिसकाकिआज
गर्द-ए-साहिलहैब-ज़ख़्म-ए-मौज-ए-दरियानमक
दाददेताहैमिरेज़ख़्म-ए-जिगरकीवाहवाह
यादकरताहैमुझेदेखेहैवोजिसजानमक
छोड़करजानातन-ए-मजरूह-ए-आशिक़हैफ़है
दिलतलबकरताहैज़ख़्मऔरमाँगेहैंआ'ज़ानमक
ग़ैरकीमिन्नतनखींचूँगापय-ए-तौफ़ीर-ए-दर्द
ज़ख़्ममिस्ल-ए-ख़ंदा-ए-क़ातिलहैसर-ता-पानमक
यादहैं'ग़ालिब'तुझेवोदिनकिवज्द-ए-ज़ौक़में
ज़ख़्मसेगिरतातोमैंपलकोंसेचुनताथानमक
इसअमलमेंऐशकीलज़्ज़तनहींमिलती'असद'
ज़ोरनिस्बतमयसेरखताहैअज़ाराकानमक