raaste ki samt akshar dekhte rahte hain kyuuñ | रास्ते की सम्त अक्सर देखते रहते हैं क्यूँ

  - Yasmeen Hameed
रास्तेकीसम्तअक्सरदेखतेरहतेहैंक्यूँ
ख़ाकअपनेफ़ैसलोंकीछानतेरहतेहैंक्यूँ
क्यूँजलारखतेहैंहमअपनेतजस्सुसकादिया
जिसकोपालेतेहैंउसकोढूँडतेरहतेहैंक्यूँ
हममहककेइस्तिआ'रेकोबदलतेक्यूँनहीं
तोहफ़ा-ए-ख़ुशबूगुलोंसेमाँगतेरहतेहैंक्यूँ
तजरबाहमतोड़नेकाक्यूँउसेकरतेनहीं
रंजिशोंकेदाएरेमेंघूमतेरहतेहैंक्यूँ
लौह-ए-ना-हमवारपरहर्फ़-ए-वफ़ातोलिखदिया
उसकीबाबतइसक़दरअबसोचतेरहतेहैंक्यूँ
  - Yasmeen Hameed
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