ज़मीनपाँवतलेसरपेआसमानलिए
निदा-ए-ग़ैबकोजाताहूँबहरेकानलिए
मैंबढ़रहाहूँकिसीराद-ए-अब्रकीजानिब
बदनकोतर्ककिएऔरअपनीजानलिए
येमेराज़र्फ़किमैंनेअसासा-ए-शबसे
बसएकख़्वाबलियाऔरचंदशम्अ-दानलिए
मैंसतह-ए-आबपेअपनेक़दमजमालूँगा
बदनकीआगलिएऔरकिसीकाध्यानलिए
मैंचलपड़ूँगासितारोंकीरौशनीलेकर
किसीवजूदकेमरकज़कोदरमियानलिए
परिंदेमेराबदनदेखतेथेहैरतसे
मैंउड़रहाथाख़लामेंअजीबशानलिए
क़लीलवक़्तमेंयूँँमैंनेइर्तिकाज़किया
बसइकजहानकेअंदरकईजहानलिए
अभीतोमुझसेमेरीसाँसभीथीना-मानूस
किदस्त-ए-मर्गनेनेज़ेबदनपेतानलिए
ज़मींखड़ीहैकईलाखनूरीसालोंसे
किसीहयात-ए-मुसलसलकीदास्तानलिए